SEO कैसे करे-
हर कोई अपने को SEO experts कह सकता है परन्तु कोई यह कहे की मुझे Search engine optimization(S.E.O.) की सारी rules पता है, तो ये बात गलत है।
आप experience और practice से समझ सकते है की Search engine optimization(S.E.O.) कैसे करे. किन्तु इसका ये अर्थ नहीं की आपको Search engine optimization(S.E.O.) की पूरी जानकारी है। गूगल और अन्य search engines कभी भी अपने सभी S.E.O. rules नहीं बताते।
Google के experts हमे S.E.O. की सामान्य practices के बारे मे जानकारी देते है जिन्हे हम फॉलो कर ब्लॉग को अच्छी ऊंचाई (position) मे stand करा सकते है। SEO marketing companies के कुछ जानकारों ने अपनी कोशिश एवं experiment से SEO को अच्छे से समझा है और सामान्य से आगे बढ़ने मे सफल हुए है परन्तु वे खुद भी accept करते है की search engine के exact algorithms को कोई नहीं जानता। इन सबका कहना है की Search engine optimization(S.E.O.) कोई magic bullet नहीं है।
हम सिर्फ केवल Basic Search engine optimization(S.E.O.) Techniques को फॉलो कर optimization का बेस्ट देने की कोशिश कर सकते है। SEO की हर छोटी-छोटी बातो पर तनाव नहीं लेना चाहिए। बस हमे केवल सीखना है कि SEO कैसे करे।
SEO कैसे करे?
वैसे तो Gooogle के 3 सबसे बड़े ranking factor है Backlink, Content, और rankbrain. पर इन तीनो को जानने के लिए हमे बाकी factor को भी समझना होता है.
इन 10 पॉइंट को पढ़कर आप को knowledge हो जाएगा की SEO कैसे करे.
1. अच्छा CONTENT(article) बनाने की कोशिश करे
हमेश अच्छा content (आर्टिकल) बनाने की कोशिश करना चाहिए। इंटरनेट की शुरुआत ही contents को लोगो के सामने पेश करने के लिए हुई है। अगर unique और quality content आपके ब्लॉग मे है तो backlinks और SEO के लिए आपको ज़्यादा मेहनत करने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी। जो लोग चाहते है, खोजते है, आपको वही देना होगा। आपको साबित करना है कि वो सही जगह पर आए है और वो बार-बार आना शुरू कर देंगे।
सोचिए ऐसे कितने ब्लॉग है जिसकी visit आप अक्सर करते रहते है, जिनको आपने बुकमार्क किया हुआ है, जिसका ब्लॉग एड्रेस आपको अच्छी तरह से याद है। सोचिए आप अक्सर क्यू कुछ खास blog ही विजिट करते रहते है? क्या आपको उस blog के कीवर्ड पसंद है? क्या आप उसके रैंक (rank) की वजह से वहाँ visit करते है? मुझे पता है जवाब ना ही होगा, आप वहाँ बार -बार जाते है क्योकि आपको उसके unique contents अच्छा लगता है। आपको उस blog का address याद है क्योकि आप उसके unique contents की quality से प्रभावित हुए है। यही secret(राज) है SEO का।
आप जो लिखना चाह रहे है उसके बारें मे आपके competitors ने क्या लिखा है, ये जरूर पता कर ले मगर उसके paragraph या sentence को copy-paste ना करे। Competitors के ज़रूरी points को लिख ले और पोस्ट लिखते समय उन सभी points को अपने natural way मे समझने की कोशिश करे।
Blogging मे किसी दूसरे के विचारो को चुरा लेना गलत नहीं है मगर implement का तरीका अलग एवं आपका स्वयं का होना चाहिए, यानि उनके ideas को आप सजाकर, अपने ideas के साथ mix कर अपने अनोखे तरीके से blog मे पेश करेंगे तो आपका blog भी बुकमार्किंग (bookmarking) के काबिल हो जाएगा और लोग आप से सवाल करेंगे की SEO कैसे करे
अच्छा contents ही SEO का मुख्य rule है.
आप याद रखे कितने भी अच्छे backlinks (बैकलिंक्स) बना ले, अगर content बेकार है तो आपकी post rank(रैंक) नहीं करेगी।
2. ब्लॉग को अच्छे से DESIGN करे
ब्लॉग को अच्छी तरह से design करना बेहद ज़रूरी है। यदि ज़रूरत न हो तो gadgets को ब्लॉग मे install (इंस्टॉल) ना करे।
Post मे heading और subheadings (h2,h3 इत्यादि) का कीवर्डस के साथ use करे। कोई खास पैराग्राफ, कोटेशन, अथवा किसी अन्य के source को पोस्ट मे दिखाना चाहते है तो ब्लॉककोटे (blockquote) का use करे।
Blockquote (ब्लॉककोटे) आपके content को value देता है क्योकि आप post के अंदर कुछ बातो को खास अंदाज मे viewers के सामने पेश कर रहे है और इससे आपकी post को अच्छी रैंकिंग मिल सकती है। इसे add (जोड़ने) करने के लिए paragraph को select करके ऊपर tool bar मे जाकर quote के symbol को click कर दे।
हर post में कम से कम एक Picture ज़रूर लगाए. और Ads का ज़्यादा इस्तेमाल न करे.
3. ब्लॉग ADDRESS को सही तरीके से REDIRECT जरूर करे
Blog की benign में ही select कर ले की आपको WWW use करना है या नहीं. WWW और non-WWW version दोनों को एक एड्रेस (Address) पर redirect करे. अगर आप WordPress यूज़ कर रहे है तो WordPress ऐसा खुद कर देगा।
हर post के Address के अंत में Date दिखाई देती है, वो दिखने में और S.E.O. के लिए सही नहीं है. इसलिए अपनी post के slug को post name कर दे.
4. कुछ अच्छे BACKLINKS बनाए
सब से पहले ये जानना जरुरी है की backlink क्या है?
जब भी किसी अन्य वेबसाइट(website) से आपकी वेबसाइट (website) पर link बनता है तो उसे backlink consider किया जाता है. BackLink दो type के होते है. No follow और Do follow. Do follow backlink आपकी रैंकिंग को गूगल में ऊपर लाने में सहायता करती है, क्यों की वो Link juice pass करते है और बात करे No- follow लिंक की तो इतनी ज़्यादा value नहीं होती क्यों की ये link juice pass नहीं करते. Backlink को इतना important बताने के पीछे, Online links selling करती कंपनी का सबसे बड़ा हाथ है। क्योकि इसमे उनका बहुत ज्यादा फायदा है। इन लोगो ने बैक लिंक्स (back links) की अफवा को इतना फैला दिया है की ब्लॉगर (blogger) समझने लगते है की अगर backlinks को नहीं बनाया तो हमारा blog ब्लॉग सर्च मे कभी आगे नहीं आ सकेगा और वो पैसे खर्च कर links खरीदते है बदले मे अपने blog को नुकसान मे डाल देते है। किसी भी वेबपेज मे अगर आपके पेज की link है तो दोनों पेज के content समान होना चाहिए। links खरीदने पर ये नहीं होता।
Link building का तरीका natural और सामान्य होना चाहिए। अगर आप एक ही दिन मे बहुत सारे links को create करते है तो यह बिलकुल भी natural या सामान्य नहीं है। Links खरीदने पर यही होता है।
Forums मे कमेंट्स ऐड करने से पहले कुछ खास बातो पर ध्यान दे। कई forums ऐसे होते है जिसमे बेकार content(कंटेंट) users के माध्यम से अपलोड की जाती है जिसे गूगल पसंद नहीं करता है। अगर ऐसे forums मे आपने कोई लिंक ऐड की तो गूगल को ये लगेगा की आप ऐसी content को value देते है और आपके blog को कभी बढ़िया रैंक नहीं मिलेगा।
Forums और comments मे पायी गयी लिंक को google अच्छे से पहचानता है की ये लिंक खुद आपके ही द्वारा ऐड की गयी है। अगर कोई अपनी post लिखते समय reference के लिए आपके पेज को link करता है तो इसकी value सबसे ज्यादा है। अगर आप किसी दूसरे के साथ लिंक exchange करते है तो गूगल इस तरह की activity को पहचान लेता है और इसका result हमेशा negative ही होता है।
हम आपको यही कहते है की आप backlink को ज्यादा important ना दे। ऐसी कोई भी गलत कोशिश ना करे जिससे आपके blog की value बढ्ने की बजाय शून्य (zero) हो जाए। अच्छा और बढ़िया quality contents को लिखने की कोशिश करे। अगर आप इसमे success होते है तो आपको अपने आप नेचुरल लिंक मिलती रहेगी। 10,000 Unnatural लिंक की value से 1 natural लिंक की value काफी ज्यादा है। Directory Submis, sionsProfile Links, , Social Bookmarks, और Blog Comments जैसे option का इस्तेमाल करे. गूगल आज कल सोशल नेटवर्क पर अधिक ध्यान देता है. तो अपनी पोस्ट को सोशल नेटवर्क website पर भी डालते रहे.
5. EXTERNAL LINKING TO TRUSTED WEBSITES
जिस तरह से हम अपने blog की दूसरी पोस्ट को Internal link करते है, इसी तरह post मे external link यानि किसी दूसरी वेबसाइट की लिंक भी ऐड करना जरूरी है।
आप जो भी पेज को लिंक कर रहे है उसमे दी गयी जानकारी आपकी पोस्ट से relevant (समान) होना जरुरी है और उस वेबसाइट का trust level high होना चाहिए। On page ऑप्टिमाइजेशन के point से देखा जाए तो post मे external linking आपके post content को सर्च इंजन की नजर मे creditable और informative बना सकती है।
एक post में कम से कम 1 बार तो एक्सटर्नल लिंकिंग (external linking) होनी चाहिए।
6. INTERNAL LINKING
Internal linking का अर्थ है आपने blog की एक post में आपने ही blog की दूसरी post का link डालना.
इससे आपको जो डोमेन ऑटोरिटी (Domain authority) मिली हुई है, वो सब पेज में distribute होती रहती है.
आप एक post में 4 -5 Internal linking तक कर सकते है.
पर:
आपकी linking relevant या मिलते जुलते content पर ही होनी चाहिए.
7. ALT TAG
आप जब भी Picture अपलोड करे तो उसमे alt tag (ऑल्ट टैग) ज़रूर लिखे.
ये एक ranking factor भी है और सर्च इंजन को photos को समझने में सहायता मिलती है. description या Caption को आप छोड़ सकते है पर ALT हमेशा लिखे.
Alt tag आपका कीवर्ड (keyword) होना चाहिए.
8. DESCRIPTION और META TAG लिखे
description और Meta tag आपकी वेबसाइट पर नज़र दिखाई नहीं देती पर जब भी कोई आपकी post को google पर सर्च करता है तो SERP में उसको आपके मेटा टैग दिखाई देते है।
अपने कीवर्ड को Meta में ज़रूर लिखे. इससे वो प्रदर्शित (Highlight) होते है और user ज़्यादा क्लिक करते है.
जैसे इस post का Title है – SEO कैसे करे.
तो मैंने ये कीवर्ड meta description और Meta title दोनों में लिखा है.
अब जब कोई google पर लिखेगा की SEO कैसे करे. तो उसको ये keyword SERP में bold font में दिखाई देगा।
9. SOCIAL SIGNAL
Social signal का अर्थ है की आपकी वेबसाइट (website) कितनी बार social sites पर share हुई है. Social sharing एक तरह का backlink ही होता है, तो अपनी वेबसाइट (website) को सारे social sites से connect करे जब भी कोई post लिखे तो उसे Instagram, Twitter, Facebook, और Whats app पर ज़रूर शेयर करे.
10. SITE LOADING SPEED and SSL CERTIFICATE का use करे
Website की लोडिंग Speed भी एक रैंकिंग फैक्टर है।
तो जितना हो सके उतनी अपनी website को fast करे. अच्छी होस्टिंग ले, इमेज को optimize करे, CDN नेटवर्क का use करे.साथ ही GTmatrix में अपनी Website की speed चेक करते रहे.
Website की speed जितनी कम हो उतना बेहतर है.
SSL Certificate आपके यूजर के डाटा को protect(सुरक्षित) रखता है.
तो आप website पर transaction करे या ना करे पर SSL सर्टिफिकेट ज़रूर ले.
SSL certificate न होने से chrome में यूजर को आपकी website (वेबसाइट) पर unsecure का sign (चिन्ह) दिखाई देता है। .
जिसके कारण आपके यूजर बैक का button दबा कर वापस चले जाते है.
जिससे आपका bounce रेट बढ़ेगा और रैंकिंग कम होगी.


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